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राजनीति

सुनील कोठारी - शाखा से महापौर तक, जयपुर का नरेंद्र मोदी

Administrator26 Sep 2026, 06:48 PM6 views
सुनील कोठारी - शाखा से महापौर तक, जयपुर का नरेंद्र मोदी

जयपुर के वर्तमान महापौर सुनील कोठारी को आज जयपुर की जनता जयपुर का नरेंद्र मोदी कह रही है। यह केवल एक नारा नहीं है, बल्कि जनता के भरोसे का प्रतिबिंब है। जयपुर शहर में आज नवयुवक से लेकर वृद्ध तक हर व्यक्ति सुनील कोठारी को जानता है, पहचानता है और उन पर विश्वास करता है।

जयपुर के वर्तमान महापौर सुनील कोठारी को आज जयपुर की जनता जयपुर का नरेंद्र मोदी कह रही है। यह केवल एक नारा नहीं है, बल्कि जनता के भरोसे का प्रतिबिंब है। जयपुर शहर में आज नवयुवक से लेकर वृद्ध तक हर व्यक्ति सुनील कोठारी को जानता है, पहचानता है और उन पर विश्वास करता है। सुनील कोठारी का राजनीतिक इतिहास किसी रातों-रात बने नेता का इतिहास नहीं है। उनकी राजनीतिक पाठशाला RSS की शाखा से शुरू हुई। एक स्वयंसेवक के रूप में उन्होंने अनुशासन, राष्ट्र प्रथम और समाज को जोड़ने की सीख ली। उसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में रहते हुए उन्होंने छात्र राजनीति से लेकर आंदोलन और संगठन को संभालने तक का लंबा अनुभव लिया। पोस्टर लगाना, दीवार लेखन, कॉलेज कैंपस में छात्रों के मुद्दों के लिए लड़ना, इन्हीं छोटे-छोटे कामों ने उन्हें जयपुर के युवाओं का नेता बनाया और वहीं से कार्यकर्ता से महापौर तक का उनका सफर शुरू हुआ। जिस वार्ड से उनको टिकट दिया गया वहां का दृश्य ऐतिहासिक था। लगभग हर वर्ग और हर उम्र के लोग उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे। युवा, बुजुर्ग, व्यापारी, कर्मचारी, महिलाएं, विद्यार्थी सभी एकजुट थे। जो लोग उनके साथ वार्ड में नहीं घूम रहे थे, वे भी मन से उनके साथ थे। जो लोग शारीरिक रूप से साथ नहीं थे, वे घरों में, दुकानों पर, चौराहों पर बैठकर भगवान से यही प्रार्थना कर रहे थे कि इस व्यक्ति को विजय दिलाइए। इस चुनाव में एक बात और स्पष्ट रूप से देखने को मिली। जयपुर शहर से अब तक जितने सांसद, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और संघ से जुड़े हुए वरिष्ठ लोग हुए हैं, वे सभी परोक्ष और अपरोक्ष रूप से सुनील कोठारी के साथ चुनाव में नजर आए। भाजपा में अक्सर दिखने वाली गुटबाजी इस एक चेहरे पर आकर खत्म होती दिखी। सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यह रहा कि एक ऐसा समुदाय जिसके बारे में यह माना जाता है कि वह भाजपा का साथ नहीं देता, वह समुदाय भी इस बार खुलकर साथ आया। मुस्लिम मतदाता भी खुलकर सुनील कोठारी के साथ नजर आया। यह उनकी सर्वसमावेशी सोच और सबको साथ लेकर चलने की क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण है। महापौर के रूप में मिली यह जिम्मेदारी बड़ी है, लेकिन उनकी तैयारी उससे भी बड़ी है। शाखा से लेकर ABVP और ABVP से लेकर महापौर की कुर्सी तक का जो अनुभव उनके पास है, उस काबिलियत से वह इस जिम्मेदारी को निभाने वाले हैं, यह तय है कि भविष्य में जयपुर शहर उनको केवल एक महापौर के रूप में नहीं, बल्कि शहर की दिशा बदलने वाले जननेता के रूप में हमेशा याद रखेगा।

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